इस अस्तित्व में हम किसी भी वस्तु, क्रिया, या शब्द का अर्थ जान या समझ नहीं सकते हैं। व्यावहारिक जीवन के लिए, नियंत्रण और सरलता के लिए हमने अनेक भाषाएँ बना ली हैं। इसी क्रम में हमारी भाषाओँ में सीमित होने वाले सारे शब्दों का अर्थ भी बना लिया है।
इस लेख में हम
पूर्णता पर चर्चा करेंगे।
पूर्णता
क्या है?